एक गर्व की पहचान – कंजरभाट समाज
एकता • परंपरा • विकास • सम्मान
हम कौन हैं
कंजरभाट समाज एक सांस्कृतिक रूप से समृद्ध, गहराई से जुड़ा हुआ और निरंतर विकसित होने वाला समुदाय है, जो अपनी मजबूत परंपराओं, मूल्यों और एकता व पारस्परिक सम्मान पर आधारित सामूहिक पहचान को आगे बढ़ाता है।
हमारा समाज केवल अपने इतिहास से नहीं, बल्कि अपने निरंतर परिवर्तन और प्रगति से भी पहचाना जाता है।
समुदाय की पहचान और समझ
भारत और विश्व में हमारा समुदाय विभिन्न नामों से जाना जाता है:
कंजरभाट, कंजार, छारा, सैसमल भांतू , सांसी
क्षेत्र के अनुसार नाम भले अलग हों, लेकिन हमारी जड़ें, संस्कृति और पहचान एक ही है।
हम गर्व से
सैसमल भांतू समाज से संबंधित हैं।
हमारा उद्देश्य भ्रम को दूर करना, जागरूकता फैलाना और एक मजबूत, एकजुट और प्रगतिशील पहचान बनाना है।
हमारे मूल मूल्य
विकास का हिस्सा बनें
“तुम्हें अपने कर्म समाज के कल्याण को ध्यान में रखते हुए करने चाहिए। हे धनंजय (अर्जुन), योग में स्थित (संतुलित और स्थिर मन के साथ) होकर अपने कर्तव्यों का पालन करो, और अपने कर्मों के फलों के प्रति आसक्ति का त्याग करो।”